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नजर को क्या है , भटकती रहती है , काम है उसका
नजरिये ही कदम आगे बढाते , रोकते , पीछे हटाते हैं ।
कदम बढ़ पाए न आगे ,नजरिये को दिखा खतरा ,
"नजरिया तंग है " बड़ी भोली नजर की यह शिकायत है ।
नजर को क्या है , भटकती रहती है , काम है उसका
नजरिये ही कदम आगे बढाते , रोकते , पीछे हटाते हैं ।
कदम बढ़ पाए न आगे ,नजरिये को दिखा खतरा ,
"नजरिया तंग है " बड़ी भोली नजर की यह शिकायत है ।

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